फॉर्म भरें
घर से वेबसाइट पर या धाम पर QR कोड स्कैन करके — नाम, पता, मोबाइल नंबर भरें।
लगभग पाँच सौ वर्षों से आस्था और सेवा का प्रतीक। लकवा (पक्षाघात) के मरीजों हेतु सात दिन की निःशुल्क व्यवस्था — आवास, भोजन-सामग्री एवं आरती-परिक्रमा।
अब कतार में खड़े होने की ज़रूरत नहीं — घर से या धाम पर, दोनों तरीके सरल हैं।
घर से वेबसाइट पर या धाम पर QR कोड स्कैन करके — नाम, पता, मोबाइल नंबर भरें।
स्टाफ आपका नाम पुकारेगा, आधार कार्ड देखकर मिलान करेगा और पर्ची अनुमोदित करेगा।
तुरंत पक्की पर्ची — प्रिंट करें, फोन में सेव करें या WhatsApp से भेजें।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सरल और सुव्यवस्थित प्रबंध
कमरे एवं धर्मशाला हॉल में ठहरने की व्यवस्था, बिस्तर-सामग्री उपलब्ध।
प्रातः एवं सायं आरती में सम्मिलित होकर समाधि की सात परिक्रमा।
धाम की ओर से सामग्री उपलब्ध कराई जाती है — भोजन स्वयं बनाने की परंपरा।
डिजिटल पर्ची प्रणाली — बिना लाइन, बिना पर्चा खोने की चिंता।
दीवार पर लिखे नामों की भाँति — यहाँ भी पारदर्शिता