📞 8608628028 📍 बुटाटी, जिला नागौर, राजस्थान

History of the Dham

About five hundred years ago, Sant Shri Chaturdas Ji Maharaj performed penance on this sacred land. Born in the Charan clan, the Siddha Yogi brought relief to paralysis patients through his divine grace. Even today devotees perform seven parikramas around the Samadhi.

लगभग 500 वर्ष पूर्व

संत श्री चतुर्दास जी महाराज का जन्म चारण कुल में हुआ। वे सिद्ध योगी थे और उन्होंने अपनी सिद्धि से लकवा के मरीजों को राहत दी।

समाधि स्थल

आज भी उनकी समाधि बुटाटी धाम में स्थित है। श्रद्धालु समाधि की सात परिक्रमा कर अपनी मनोकामना पूर्ण करने की प्रार्थना करते हैं।

आस्था का केंद्र

देश-विदेश से हज़ारों श्रद्धालु प्रतिदिन यहाँ आते हैं। सबसे अधिक भीड़ एकादशी के अवसर पर होती है।

सेवा की परंपरा

धाम की ओर से ठहरने की निःशुल्क व्यवस्था, भोजन-सामग्री और सेवादारों का सहयोग यही परंपरा आज भी जीवित है।

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